शिकायतों पर शिवराज सरकार का समाधान- एसपी को भी किया तत्काल रवाना तो कलेक्टर को भी तुरंत जिला छुड़वाया। नई कलेक्टर ने किया पदभार ग्रहण। सरकार जिले में भेज सकती में महिला पुलिस कप्तान।



बहुत ही कम ऐसा देखने और सुनने को मिलता है कि चुनाव की सरगर्मी हो और बातें प्रशासनिक तबादले की चले। झाबुआ जिले में ऐसा ही हुआ है। बीते तीन दिनों में हर चौराहे, नुक्कड़, पर जन मानस में बातचीत जिले के दो बड़े अधिकारीयों के तत्काल आदेश से तबादले की चली। 
बीते दिनों पूर्व पुलिस कप्तान अरविंद तीवारी ने पॉलिटेक्निक के जूनियर सीनियर के विवाद में जूनियर्स से अशोभनीय बात की जिसके चलते सीएम शिवराजसिंह ने तत्काल ही एसपी को हटाया और फिर निलंबित भी कर दिया। 



जिलेभर के पुलिस महकमें में जैसे दुखों का पहाड़ टुट पड़ा, पहली बार एक ऐसा पुलिस अधीक्षक जिले को मिला था जो कि, पुलिस की समस्त समस्याओं को समझ कर आसन समाधान निकलने कार्य करता था।
प्रत्येक खाकिधारी और वें भी जिनका पुलिस महकमें में आनजाना लगा रहता था वह पुलिस कप्तान अरविंद तीवारी की प्रशंसा ही कर रहा था। यहां तक कि उनके विद्यार्थी प्रेम और विद्यार्थियों के प्रती सहानुभूति साथ ही विद्यार्थियों के उज्जवल भविष्य के लिए उनकी मेहनत को बयां भी कर रहा था। 
लेकिन उस रात को क्यूं और कैसे वो शब्द निकल गये इस पर बहुत अफ़सोस था क्युंकि पुलिस कप्तान अरविंद तीवारी प्रतिदिन ऑनलाइन बच्चों को शिक्षा भी प्रदान करते थे। 
इसी बीच प्रदेश मुखिया ने पेटलावद दस्तक दी और अगले दिन जिले में चर्चाओं के लिये सीएम शिवराजसिंह ने एक धमका और कर दिया। 
प्रदेश मुखिया शिवराजसिंह चौहान ने शिकायतों का समाधान करते हुये जिला कलेक्टर सोमेश मिश्रा को तुरंत हटा दिया। सबकुछ इतनी जल्दी किया कि जनता दंग रह गयी। सोशल मीडिया पर जैसे मेसेज़स की बाड़ सी आ गयी। लेकिन अच्छे से अच्छे व्यक्ति को यह पता नहीं चला कि आखिर सीएम ने कलेक्टर को किन-किन शिकायतों के मद्देनजर तत्काल हटाया। 
जानकारी के मुतबीक बहुत सी योजनाओ में गड़बड़ी, जमकर रिश्वतखोरी, भ्रष्टाचारी और सरकार के रहते सरकार के गुर्गों की अनदेखी। फिर डॉक्टरस की ताज़ा शिकायत के साथ विशेष कार्यकर्ताओं की भी शिकायत पर सीएम ने समस्या को जड़ से निकल फैका। 
उसी वक्त झाबुआ डीएम के लिये किसको चुनना है इस बात पर विचार होने लगा और करीब 11 बजे से पहले तय हो गया कि रजनी सिंह को झाबुआ जिले का कलेक्टर बनाया जायेगा। 

हालांकि, वर्तमान नवीन जिला कलेक्टर रजनी सिंह बीते महिनों खंडवा जिले की प्रभारी कलेक्टर रही है और चुनाव में मुख्य भूमिका भी निभाई है साथ ही प्रोटोकॉल के उलंघन में मीडिया की सुर्खियों में भी रही हैं। 

बहरहाल, पुलिस कप्तान को हटाना पुरी तरह से भाजपा की राजनीति को बचाने के जैसा है। फिर राजनीति तवें को गर्म कर रोटियां सेकने के लिये जिले के कांग्रेसियों ने तो बकायदा प्रेस कांफ्रेस करके सरकार के मुखिया पर दिखावें और ढोंग का आरोप मढ़ दिया है मगर इसमें भी कांग्रेस ने चुनावी माहौल में अपना फ़ायदा देखा न कि जनता का और ना ही उन विद्यार्थियों का। 
राजनीती के विशेषज्ञों के अनुसार मुख्यमंत्री शिवराजसिंह चौहान ने जल्दी में नहीं वरन सोच समझ कर डिसीजन लिया है। जिसके कारण बहुत बड़ा बवाल होने से बचा हैं। 
जिसकी दास्ताँ आपको अगले अंक में प्राप्त होगी।

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