हिंदू युवा जनजाति संगठन ने अनाज के लिये फिर उठाई आवाज- सेल्समैन और मेनेज़र का मिलाजुला भ्रष्टाचार, ग्रामीणो को नहीं मिला तीन माह से अनाज।



शनिवार को ग्राम पिथनपुर पारा की शासकीय उचित मूल्य की दुकान पर भारी भ्रष्टाचार किया गया है, यहा तक की ग्रामीणों को दो से तीन माह का अनाज नहीं दिया गया। जिसकी सूचना हिंदू युवा जनजाति संगठन के महामंत्री कमलेश मावी को ग्रामीणों ने दी। महामंत्री ने बताया गया कि, शासकीय उचित मूल्य की दुकान पर जाने के बाद ग्रामीणों से जानकारी ली तो पता चला कि लोगों को 3 महीने का अनाज अभी तक नहीं दिया गया, और 3 महीने से अभी तक शासकीय उचित मूल्य की दुकान को भी नहीं खोला गया।

ग्रामीणो द्वारा बताया गया कि अनाज के लिये हर दिन टालते हुये तीन महीने हो गए, ग्रामीणों द्वारा बताया गया कि किसी व्यक्ति के पास पांच स्लिप है तो किसी के पास चार स्लिप है मतलब इस सोसाइटी में सेल्समैन और मैनेजर ने मिलकर भारी भ्रष्टाचार किया है।


ऑनलाइन जानकारी निकालने के बाद पता चला कि इस सोसाइटी में सरकार द्वारा भेजा गया अनाज 400 क्विंटल गेहूं एवं 30 क्विंटल चावल 1100 लीटर केरोसिन नवंबर एवं 20 क्विंटल बाजरा का स्टॉप रखा है जबकि दुकान में एक भी अनाज का दाना नहीं है।

अब सवाल यही बनता है कि आखिर क्विंटलो अनाज गया कहां इसकी जानकारी संगठन के महामंत्री कमलेश मावी द्वारा मैनेजर से ली तो जवाब नहीं दे कर बात को टाल दिया गया। और अगले महीने अनाज देने की बात कर फोन काट दिया।



जानकारी के मुताबिक जिले से हर महा अनाज सही समय पर शासकीय उचित मूल्य की दुकान पर पहुंच जाता है तो आखिर क्यों गरीबों को अनाज नहीं दिया जा रहा है। किस रास्ते में अनाज का गोलमाल किया जा रहा है जिसका जवाब ना तो दुकान संचालक बता पाते हैं और ना ही जिले के आला अधिकारी।

वहीं संगठन महामंत्री कमलेश मावी ने आरोप लगाया कि झाबुआ जिले के खाद्य आपूर्ति अधिकारी की देखरेख में भारी रूप में जिले भर में लगभग सभी सोसाइटी के द्वारा भ्रष्टाचार किया जा रहा है और भ्रष्ट अधिकारियों को हटाया भी नहीं जाता है संगठन का आरोप है कि अगर इस प्रकार जिले में भ्रष्टाचार चलता रहा तो बहुत जल्दी उग्र आंदोलन किया जाएगा और मांग की जाएगी कि अनाज घोटाले की जांच सीबीआई द्वारा की जाए।

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